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नीतीश कुमार ने दिया इस्तीफा

नए सिरे से सरकार बनाने का फार्मूला किया पेश

पटना. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश ने मंगलवार दोपहर 3.45 बजे के आसपास राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया. उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात की और अपना इस्तीफा उन्हें सौपा. सूत्रों के अनुसार नीतीश कुमार ने राज्य में नई सरकार बनाने के फार्मूले से भी राज्यपाल को अवगत करा दिया है. वे अब बुधवार को नए सिरे से राज्यपाल से मिलकर उन्हें नई सरकार में शामिल होने वाले राजनीतिक दलों और विधानसभा सदस्यों के समर्थन का पत्र सौपेंगे.

नीतीश कुमार अपने आधिकारिक आवास से अकेले ही राजभवन गए. उन्होंने वहां राज्यपाल फागू चौहान से मुलाकात की और अपना इस्तीफा पत्र उन्हें सौप दिया. इसके पहले जदयू के विधायकों और सांसदों की सुबह 11 बजे से बैठक हुई. उसमें नीतीश कुमार ने सभी को बताया कि कैसे उनके दल जदयू को कमजोर करने की भाजपा की ओर से साजिश रची गई. इसके लिए वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव के दौरान ही सबसे पहले चिराग पासवान को पेश कर जदयू की सीटों को कम करने की कोशिश की गई. बाद में आरसीपी सिंह की मदद से जदयू में सेंधमारी की कोशिश की गई. बैठक में नीतीश कुमार ने जदयू के सांसदों और विधायकों को बताया कि कैसे भाजपा उनके दल को तोड़ने की कोशिश कर रही है. इसीलिए नीतीश कुमार अब ऐसे दल के साथ नाता नहीं रखना चाहते हैं जो उनके दल को तोड़े. बैठक में मौजूद नेताओं ने नीतीश कुमार को निर्णय लेने की स्वतंत्रता दी जिसके बाद उन्होंने भाजपा से नाता तोड़ने की ऐलान किया.

इसके पहले नालंदा से सांसद कौशलेन्द्र ने भी दावा किया है कि जदयू के विधायकों को भाजपा की ओर से तोड़ने के लिए प्रलोभन दिया गया था. विधायकों को 6 करोड़ रुपए का ऑफर देने की बात कही गई. यहां तक कि रविवार को जदयू अध्यक्ष ललन सिंह ने भी कहा था कि वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमर को कमजोर करने के लिए चिराग मॉडल अपनाया गया. बाद में आरसीपी के रूप में फिर से चिराग मॉडल 2 लाया जा रहा था. लेकिन समय रहते जदयू ने इसे पहचान लिया. उन्होंने कहा था कि हम सब जानते हैं कि चिराग मॉडल किसका था. कहा गया कि उनका इशारा भाजपा की ओर था.

दरअसल, 2020 में चिराग मॉडल के कारण जदयू ने जिन विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव लड़ा वहां लोजपा ने अपने उम्मीदवार उतारे. इससे जदयू को बड़ा झटका लगा और उसके सीटों की संख्या घटकर 43 रह गई. यानी जदयू का कद छोटा करने की कोशिश 2020 में शुरू हुई. अब नड्डा का छोटे दलों को खत्म करने की ओर इशारा वाली टिप्पणी से नीतीश कुमार नाराज बताए जाते हैं.

कहा जा रहा है कि इन्हीं कारणों से नीतीश कुमार अब भाजपा को सबक सिखाना चाहते हैं. अब वे राजद नेता तेजस्वी यादव को सरकार में प्रमुख जिम्मेदारी देकर खुद सीएम पद पर रहते हुए भाजपा को सबक सिकयेंगे. इसके लिए आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनाव में नीतीश कुमार रणनीति बनाएंगे.

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