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JPSC नियुक्ति विवादः विधायकों पर FIR से बिफरी भाजपा अब आर पार के मूड में

JPSC नियुक्ति विवादः विधायकों पर FIR से बिफरी भाजपा अब आर पार के मूड में

Ranchi: जेपीएससी परीक्षा और इसके रिजल्ट का मसला केवल स्टूडेंट्स तक सीमित नहीं रहने वाला है. यह अब राजनीतिक रूप ले चुका है. प्रदेश भाजपा जेपीएससी रिजल्ट की पिच पर प्रदेश सरकार की जबर्दस्त परीक्षा लेने को कमर कस रही है. यही वजह है कि 23 नवंबर को जब जेपीएससी अभ्यर्थी पीटी रिजल्ट के मामले पर जेपीएससी कार्यालय का घेराव करने जा रहे थे, भाजपा नेता भी इसमें शामिल हुए. विधायक नवीन जायसवाल, भानु प्रताप शाही, युवा मोर्चा प्रमुख किसलय तिवारी सहित आजसू पार्टी विधायक लंबोदर महतो भी पहुंचे.

इस दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिये पुलिस को हल्की लाठीचार्ज भी करना पड़ा. इसके बाद 24 नवंबर को रांची सीओ अमित भगत के बयान पर दो विधायकों समेत 13 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है. प्रदेश भाजपा ने इसका विरोध किया है. पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी ने संकेत दिये हैं कि प्रदेश भाजपा अब जेपीएससी रिजल्ट पर अपने आंदोलन को और तेज करेगी. पूर्व सीएम रघुवर ने भी सरकार को निशाने पर लिया है.

सरकार का मतिहरण

बाबूलाल मरांडी कहते हैं कि नियुक्तियों का सपना दिखा कर सरकार छात्रों पर लाठियां बरसा रही है. ऐसा कर सरकार अपने कुकर्मों पर पर्दा डालने की कोशिश में लगी है. यहां के युवा और जनता इस झूठी और निक्कमी सरकार का सच जान चुकी है. सरकार अब चाहे जितनी लाठियां बरसाए या मुकदमे करे, पार्टी अपने आंदोलन को और गति देगी. ट्विटर पर भी उन्होंने कहा है कि जब नाश मनुज पर छाता है.. पहले विवेक मर जाता है.. जेपीएससी अभ्यर्थियों के लिए आंदोलनरत भाजपा विधायकों भानु प्रताप शाही और नवीन जायसवाल समेत अन्य पर प्राथमिकी दर्ज कर सरकार इस मुद्दे पर पार्टी को डराना चाहती है. ये उनका भ्रम है. भाजपा राज्य के युवाओं के साथ अन्याय नहीं होने देगी.

रोम के इशारे पर चल रही सरकारः रघुवर

रघुवर दास ने कहा कि राज्य की दमनकारी हेमंत सरकार डंडे और मुकदमे का भय दिखाकर युवाओं व विपक्ष की आवाज दबाना चाहती है. पहले तो जेपीएससी में गड़बड़ी कर युवाओं के भविष्य के साथ हेमंत सोरेन सरकार ने खिलवाड़ किया. अब जब युवाओं ने न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन किया तो युवाओं के साथ साथ भाजपा विधायकों पर बर्बरतापूर्वक लाठियां बरसाईं. इससे भी युवाओं को आंदोलन से डिगा नहीं पाये तो भाजपा के विधायकों समेत 13 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. हेमंत सरकार को मालूम नहीं है कि पार्टी इससे डरनेवाले नहीं. जब अंग्रेज हमारे पूर्वजों के हौसलों को डिगा नहीं पाये तो रोम के इशारे पर चलनेवाली यह हेमंत सरकार भी किसी मुगालते में न रहे. युवाओं को नौकरी और बेरोजगारी भत्ता देने के झुठे वादे करके हेमंत सोरेन ने सरकार तो बना ली. अब जब युवा उन्हें उनका वादा याद करा रहे हैं, तो उनपर जुल्म किया जा रहा है.

भानु ने भी खोला मोर्चा

भानु प्रताप शाही ने भी ट्विटर पर अपनी भड़ास उतारी है. कहा है कि अब आर पार की लड़ाई का वक़्त आ चुका है. बाबूलाल मरांडी के एक ट्विट को रिट्वीट करते हुए कहा कि बाबूलाल अगर आदेश करें तो भाजपा के एक एक कार्यकर्ता जेपीएससी छात्र छात्राओं के लिए जान लगा देंगे. हेमंत सरकार ने पहले लाठियां बरसायीं. अब एक दिन बाद FIR कर अगर सरकार सोच रही है कि वे डर जायेंगे तो ऐसा नहीं है. जेपीएससी छात्रों के लिए पार्टी को जो भी जुल्म सहना होगा, पार्टी उसके लिये तैयार है. इसके साथ ही भानु ने इशारा देते हुए कहा है कि मत भूलिए हम समुंदर हैं, एक दिन लौट के ज़रूर आएंगे.

झूठी प्राथमिकी दर्ज करवाना न्याय की मांग को दबाने का प्रयास: नवीन जायसवाल

नवीन जायसवाल ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा किया है. कहा कि विगत दिनों जेपीएससी अभ्यर्थी अपनी उचित मांगों को ले कर पूर्व से तय समयानुसार जेपीएससी अध्यक्ष से मिलने जा रहे थे पर सरकार के इशारे पर प्रशासन ने अनावश्यक रूप से अभ्यर्थियों पर एवं उनकी मांगों को बल प्रदान करने के लिए उनके साथ जा रहे जनप्रतिनिधियों पर लाठीचार्ज करवा दिया. सरकार की तानाशाही यहीं नहीं रुकी,छात्रों एवं जनप्रतिनिधियों पर झूठी प्राथमिकी भी दर्ज करवा दिया. लाठी-डंडे और केस का भय दिखा कर ये सरकार छात्रों की आवाज और जनप्रतिनिधियों के प्रयास को दबाने का दुःसाहस कर रही है. ये दुःसाहस सिर्फ इसलिए है कि वो अपनी गलतियों को उजागर होने देना नहीं चाहते हैं. लाठीचार्ज और उसके बाद प्राथमिकी दर्ज करवाना इस सरकार की तानाशाही और हताशा को दर्शाता है. अपनी नाकामियों को छुपा कर झारखंड के हजारों नौजवानों की आवाज को कुचलने की मंशा ये सरकार पाली हुई है.

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