अवर्गीकृत

राज्य में एक दिन में एंटी करप्शन ब्यूरो के टीम ने तीन ठिकाने से 3 लोगो को रेड हैंड किया गिरफ्तार

रांची ; झारखंड में एंटी करप्शन ब्यूरो का आज शानदार प्रदर्शन रहा। .राज्य के तीन अलग-अलग जगहों से सरकारी  कर्मियों को घूस लेते पकड़ा गया है.यह  गिरफ्तारी बोकारो,  गढ़वा और हजारीबाग जिले में हुई है. हांलकि एंटी करप्शन ब्यूरो  भ्र्स्ट  अधिकारयों सरकारी कर्मचारी पर लगातार शिकंजा कस रही है इसके बाबजूद भी सरकारी बाबुओं की आदत से बाज नहीं आ रहर है इससे अंदाजा लगाया जा सकता है राज्य में कितनी भरस्टाचार चरम पर है।

बोकारो  में acb  की टीम ने जारीडीह प्रखंड के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया है.  सूत्रों के मिली जानकारी के मुताबिक ब्लॉक कोऑर्डिनेटर की गिरफ्तारी प्रखंड कार्यालय से की गई है. एसीबी की टीम ने आरोपी को अपने साथ धनबाद ले गयी. जहां उसे पूछताछ की जायेगी. आरोपी प्रधानमंत्री आवास योजना का ब्लॉक कोऑर्डिनेटर दीपक कपरदार बताया जा रहा है. जो बांधडीह दक्षिणी के मुखिया हकीम महतो से आवास पास करने के नाम पर 10 हजार रुपये मांग रहा था.

दूसरी घटना पलामू एसीबी की टीम ने गढ़वा महालेखागार कार्यालय के लिपिक रविन्द्र पांडे को 4500 रूपए घूस लेते गिरफ्तार किया है. यह बाबू  खतियान का नकल निकालने के एवज में लिपिक गढ़वा जिले के टंडवा के सत्यम कुमार से घूस ले रहे थे  .लिपिक रविन्द्र पांडे वादी निकालने के लिए कई बार आग्रह करने के बाद भी लिपिक बिना घूस लिये कार्रवाई को तैयार नहीं हुआ. वादी घूस नहीं देना चाहता था. उसने इस सिलसिले में एसीबी के मेदिनीनगर कार्यालय में शिकायत दर्ज करायी. शिकायत के आलोक में जांच करायी गयी. आरोप सही सिद्ध हुआ. इसके बाद घूस के रूपए देकर वादी को लिपिक के पास भेजा गया. शुक्रवार की दोपहर गढ़वा महालेखागार कार्यालय में जैसे ही लिपिक ने घूस की राशि ली, एसीबी की टीम ने उसे रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया.

तीसरी हजारीबाग से भी क्लर्क को 4 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है. हजारीबाग एसीबी ने शुक्रवार को  सदर अस्पताल के एक क्लर्क को चार हजार घूस लेते  रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. सदर अस्पताल परिसर स्थित सिविल सर्जन कार्यालय डीडीएम दिवाकर अंवष्टा को को हजारीबाग निगरानी विभाग की टीम ने घूस लेते गिरफ्तार किया है। दिवाकर अंबष्ट 4,000 रुपये घूस ले रहे थे। जानकारी के मुताबिक, बरही स्थित गौरियाकर्मा में जागेश्वर प्रसाद जेपी क्लिनिक चलाता है। उसी के रिन्यूअल के लिए डीडीएम उससे 5,000 रुपये मांग रहा था। डील 4,000 रुपये में तय किया गया था। इस बात की शिकायत क्लिनिक संचालक ने निगरानी विभाग से की थी। निगरानी टीम ने मामले का सत्यापन कराया। मामला सही पाए जाने के बाद टीम रणनीति के तहत निरंजन अंबष्ट के घऱ पहुंची और रंगेहाथ दबोचा लिया।

 

 

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