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पीएम मोदी ने बिहारवासियों को लिखा खास पत्र, कहा- नीतीश सरकार की है जरूरत

बिहार में सात नवंबर को तीसरे चरण के चुनाव हैं। अंतिम चरण के चुनाव से पहले पीएम मोदी ने बिहार के भाइयों और बहनों को पत्र लिखा है। पीएम मोदी का यह पत्र बिहार चुनाव को लेकर है, जिसमें उन्होंने एनडीए के विकास कार्यों के बारे में बताया है। पीएम मोदी ने यह पत्र ट्विटर पर शेयर किया है। चार पन्नों का यह पत्र बिहार में एनडीए के विकास कार्यों को लेकर है। जिसमें उन्होंने जनता के सामने पत्र के माध्यम से विकास कार्यों को पेश किया है और लालू सरकार के जंगलराज का भी वर्णन किया है।

पीएम मोदी ने बिहार के लोगों कुछ इस प्रकार पत्र लिखा-

मेरे प्रिय बिहार के भाइयों और बहनों, आज इस पत्र के माध्यम से आपसे बिहार के विकास, विकास के लिए एनडीए पर विश्वास और विश्वास बनाए रखने के लिए एनडीए के संकल्प के बारे में बात करना चाहता हूं। युवा हों या बुजुर्ग, गरीब हों या किसान, हर वर्ग के लोग जिस प्रकार आशीर्वाद देने के लिए सामने आ रहे हैं। वह एक आधुनिक और नए बिहार की तस्वीर दिखाता है। बिहार में लोकतंत्र के महापर्व के दौरान मतदाताओं के जोश ने हम सबको और अधिक उत्साह के साथ कार्य करने को प्रेरित किया है।

बिहार में लोकतंत्र की पहली कोपल फूटी, ज्ञान-विज्ञान, शास्त्र-अर्थशास्त्र, हर प्रकार से बिहार संपन्न रहा है। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मंत्र पर चलते हुए 140, सरकार बिहार के गौरवशाली अतीत को फिर स्थापित करने के लिए कटिबद्ध है, प्रतिबद्ध है।

साथियों, यह हम सबके लिए गर्व का विषय है कि बिहार चुनाव का पूरा फोकस विकास पर  केंद्रित रहा। एनडीए सरकार ने पिछले वर्षो में जो कार्य किए, उसका हमने न केवल रिपोर्ट कार्ड पेश किया, बल्कि जनता-जनार्दन के सामने आगे का विजन भी रखा। लोगों को भरोसा है कि बिहार का विकास एनडीए सरकार ही कर सकती है। अव्यवस्था और अराजकता के वातावरण में नव-निर्माण असंभव होता है। वर्ष 2005 के बाद से बिहार में माहौल भी बदला और नव-निर्माण की प्रक्रिया भी आरंभ हुई। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर  और कानून का राज, ये सामाजिक और आर्थिक संपन्नता के लिए अनिवार्य हैं। बिहार को ये दोनों एनडीए ही दे सकता है।

इस पत्र में पीएम मोदी ने आगे लिखा कि एनडीए के लिए मानव जीवन की गरिमा सर्वोपरि है। हम हर नागरिक को देश की उन्नति और प्रगति में भागीदार मानते हैं। पहले देश के विकास में बनावटी बाधाएं खड़ी करके रखी गई थीं, जिससे युवाओं, महिलाओं और किसानों के लिए अवसर कम होते गए। लेकिन एडीए के निरंतर प्रयासों से अब यह स्थिति बदल रही है।

एनडीए ने बिहार में बिजली, पानी, सड़क, इलाज, शिक्षा, कानून व्यवस्था, हर क्षेत्र में बहुत काम किया। मूल आवश्यकताओं की पूर्ति के बाद अब यह दशक बिहार की आकांक्षाओं की पूर्ति का है। एनडीए का प्रत्येक साथी, इन आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए पूरी निष्ठा के साथ करने के लिए तत्पर है।

बिहार को अभाव से आकांक्षा की ओर ले जाना एनडीए सरकार की बहुत बड़ी उपलब्धि है। हर गरीब को पक्का घर देना हो, घर-घर शौचालय बनाना हो, घरों में नल से जल देना हो, बिजली पहुंचानी हो, गैस कनेक्शन देना हो, हर गरीब को बैंक से जोड़ना हो, यह सब बिहारवासियों के वोट की ताकत से ही संभव हो पाया है।

बिहार की बहनों, बेटियों की अपेक्षाएं और आकांक्षाएं भी अब निरंतर बढ़ रही हैं। उनको शौचालय की सुविधा मिली तो उनमें सुरक्षा का एहसास आया। उनके नाम से प्रधानमंत्री आवास योजना का घर मिला तो चिंता कम हुई। जनधन खाता खुला, मुद्रा योजना से बैंक लोन मिला तो नया आत्मविश्वास जागा।

समाज में आत्मविश्वास तब और बढ़ता है, जब जन्म से लेकर बुढ़ापे तक संपूर्ण सुरक्षा कवच मिले। बीते वर्षों में एनडीए ने गर्भावस्था से लेकर बुढ़ापे में पेंशन और बीमा तक की सुरक्षा दी है। आज बिहार का गरीब से गरीब परिवार भी गंभीर बीमारी का इलाज देश में कहीं भी मुफ्त में करा पा रहा है।

पीएम मोदी ने पत्र में एक कविता को भी लिखा है, जो कि कुछ इस प्रकार है

बिहार में वोट पड़ रहा है-

जात-पात पर नहीं, विकास पर

झूठे वादों पर नहीं, पक्के इरादों पर

कुशासन पर नहीं, सुशासन पर

भ्रष्टाचार पर नहीं, ईमानदारी पर

अवसरवादिता पर नहीं आत्मनिर्भरता के विजन पर

इसके साथ ही उन्होंने अंत में लिखा “मैं बिहार के विकास को लेकर बहुत आश्वस्त हूं। बिहार के विकास में कोई कमी न आए, विकास की योजनाएं अटकें नहीं, भटकें नहीं, इसलिए मुझे बिहार में नीतीश जी की सरकार की जरूरत है।मुझे विश्वास है, डबल इंजन की ताकत, इस दशक में बिहार को विकास की नई ऊंचाई पर पहुंचाएगी।”

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